Ms-Access
यह एक ऐसा साफ्टवेयर पैकेज है जिसमें किसी आर्गनाइजेशन का डाट systematic ढंग से व्यवस्थित किया जाता है। जिसे DBMS(Data Base Management System) कहते है। जिसमंे एक data base बनाया जाता है। इसका extension नाम .mdb होता है data base के अन्दर table (relation) रखी जाती है। access 2007 में extension नाम .accdb होता है।
Data base में store data को व्यवस्थिति करने के लिए sql (Structured Query Language) का प्रयोग किया जाता है जो relational algebra पर आधारित है। यह माइक्रो साफ्ट द्वारा विकसित एक ऐसा साफ्टवेयर है जो SQL commands को visually represent करता है। जिससे कि user आसानी से कार्य कर सकता है।
ER- diagram:- इसका पूरा नाम Entity Relationship diagram होता है। यह diagram एक entity से दूसरी entity के बीच सम्बन्ध को व्यक्त करता है। यह तीन प्रकार का होता है।
(1) 1: 1 (one to one)
(2) 1: m (one to many)
(3) m: m (many to many)
इसको represent करने के लिए कुछ symbols का प्रयोग करते है जो नीचे दिये गये है।
(1) Oval: यह attribute को represent करता है।
(2) Rectangle: यह Entity को Represent करते है।
(3) Diamond Box: यह Relationshipको represent करता है।
(1) 1:1 (One To One) Relationship: जैसे कि HOD & dept के बीच1%1 का सम्बन्ध है।
1 1
(2) 1: M (One To Mamy) Relationship:-
(3) M:M (Many To Many) Relationship: - जैसे किemployee & project के बीच m:m का सम्बन्ध है।
Table (टेबल):- टेबल एक Entity को Represent करता है। इसको Relation भी कहा जाता है। टेबल में entity की सूचना Records के रूप में रखी जाती है।
Record(रिकार्ड ):- यह attributes का collection होता है। जिसे Tuple या Row भी कहा जाता है।
Key Field(की फील्ड ):-यह टेबल की ऐसी field होती है। जिसके द्वारा Record को uniquely identify किया जाता है। यह कई प्रकार की होती है।
Primary Key (प्राईमरी की ):- यह एक ऐसी field होती है। जो रिकोर्ड को uniquely identify करती है। यह null & Duplicate नही होनी चाहिए।
Composit Primary Key (कम्पोजिट प्राईमरी की ):- जब किसी टेबल में कोई ऐसी एक field नही होती है। जो Record को uniquely identify करे। ऐसी स्थिति दो fields को मिला कर record को uniquely ldentify करते है। तो इसे composit prmany key कहते है।
Alternate Key (आल्टरनेट की ):- जब टेबल में दो या दो से अधिक ऐसी key field होती है। जिनसे record को uniquely identify कर सकते है। तो उसमे से किसी एक को primary key बना देते है तो दूसरी को alternate key बना देते है suppose हम RANA2HINDITECH नाम का एक data base बनाना है। जिसमे दोs table course & student है
(1) जिसका detail नीचे दिया गया है
Course
c_id | c_name | duration | modules | fees |
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Student
st_id | Name | DOB | DOJ | Addr | Phone | C_id |
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